माननीय श्री योगी अदित्यनाथ
माननीय श्री अरविंद कुमार शर्मा
माननीय श्री राकेश राठौर 'गुरु'
कड़ा का इतिहास अत्यंत समृद्ध है। यह नगर वत्स महाजनपद की राजधानी कौशांबी के निकट स्थित है, जो प्राचीन काल में बौद्ध, जैन और वैदिक संस्कृतियों का प्रमुख केंद्र रहा है। महाभारत काल में पांडवों के वनवास के दौरान युधिष्ठिर ने यहां गंगा स्नान कर माँ शीतला की आराधना की थी, और मंदिर का निर्माण कराया था ।
कड़ा का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। यह नगर वत्स महाजनपद की राजधानी रहा है और महाभारत काल में हस्तिनापुर के नरेश निचक्षु द्वारा बसाया गया था। कहा जाता है कि द्वापर युग में महाराज युधिष्ठिर ने यहां मंदिर का निर्माण कराया था ।
कड़ा धाम, जिसे शीतला माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक है और हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त माँ गंगा में स्नान और देवी के दर्शन हेतु आते हैं।
यह नगर संत मलूकदास की जन्मभूमि भी है, जिनका आश्रम और समाधि स्थल आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है।


